Exploring Purvottar || Discovering NE like never before

बाढ़ ग्रस्त इलाके में पैदल घूमने वाला मंत्री

मंत्री हो तो केशव महंत जैसा गुवाहाटी। नागालैंड की पहाड़ियों में हुई भारी बारिश से ऊपरी असम में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत सोमवार को सुबह से देर रात तक राहत एवं बचाव कार्यों की…

🔴 मेघालय में पहलगाम

गुवाहाटी से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बड़ा पानी (उमियम झील) के आसपास का क्षेत्र इन दिनों पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनता जा रहा है। हरियाली से ढकी पहाड़ियां, घुमावदार सड़कें, बादलों से अठखेलियां करते पर्वत, चीड़ के वृक्षों…

🔴 कामाख्या मंदिर का कपाट बंद, भक्तों का जनसैलाब उमड़ा

अम्बुवासी : आस्था, साधना और प्रकृति का महापर्व गुवाहाटी की नीलाचल पहाड़ी इन दिनों आस्था के अद्भुत रंग में रंगी हुई है। विश्व प्रसिद्ध माँ कामाख्या मंदिर के कपाट 23 से 25 जून तक बंद हैं। मान्यता है कि इस अवधि में माँ कामाख्या ऋतु काल में…

🔴 मां कामाख्या का विशेष महात्म्य और अंबुवाची मेला

असम की राजधानी गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला अंबुवाची मेला आस्था, आध्यात्म और तंत्र साधना का अद्भुत संगम माना जाता है। इस वर्ष अंबुवाची मेला 22 जून से 26 जून तक आयोजित होगा। मान्यता है कि इस अवधि में मां…

लिव इन रिलेशनशिप गुप्त रखने पर हो सकती है जेल

असम में समान नागरिक संहिता की पहल असम सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए विधानसभा में संबंधित विधेयक पेश किया है। संसदीय कार्य मंत्री Atul Bora ने सोमवार को यह विधेयक सदन में प्रस्तुत किया।…

🔴 Batadrawa थान:जहां धोती पहना अनिवार्य

Batadrawa Than — पवित्र आस्था, संस्कृति और वैष्णव परंपरा का जीवंत केंद्र। यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक चेतना का उद्गम स्थल भी है। यहीं असम के महान संत, समाज सुधारक और एकात्म मानववाद के प्रवर्तक Srimanta Sankardev का…

🔴 तुम मुझो खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा

INA Memorial Complex में स्थित आज़ाद हिंद फ़ौज का मुख्यालय भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का एक जीवंत अध्याय है। यहीं 14 अप्रैल 1944 को पहली बार भारतीय धरती पर आज़ाद हिंद फ़ौज ने तिरंगा फहराया था। यह केवल एक ध्वज नहीं था, बल्कि गुलामी…

🔴 लोकतक लेक: तैरता घर

Loktak Lake पूर्वोत्तर भारत की प्राकृतिक अद्भुतताओं में एक अनोखा नाम है। मणिपुर की यह विशाल मीठे पानी की झील अपनी तैरती हुई घास और मिट्टी की मोटी परतों के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इन तैरती द्वीप जैसी संरचनाओं को स्थानीय भाषा में…

🔴 विरासत को सहेजने की पहल

असम में बोहाग बिहू की तैयारी। नई पीढ़ी के लिए कार्यशाला का आयोजन। वाद्ययंत्रों के लिए प्रशिक्षण। युवतियों को सिखाया जा रहा नृत्य। महिलाएं जुटी हैं gamaochha बनने में। पकवान की हो रही है तैयारी। हर कोई कर रहा है बिहू की तैयारी